चांद सी तेरी सूरत के दीद्दार की इजाजत तू मुझे देगी क्या,
यह तेरी मेरी मुहब्बत की एक शाम सजाने की इजाजत तू मुझे देगी क्या,
तुम मुझे क़ैद कर लो अपने इश्क के कैदखाने में,
या फिर तुम मुझे इश्क करने की इजाज़त दे दोगी क्या,
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