मेरा दिल तुम्हें माफ़ करना जानता है, क्यों कि भूलने की आदत नहीं है इसे,
दो चार दिन तेरी आंखें नम होगी मेरे लिए,
मर भी गया तो अगर मैं तेरे लिए, तो क्या कमी होगी तुम्हें?
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