मेरी मुहब्बत का नशा अपने दिल में छुपा कर रखो सनम,
सारे ज़माने के लोगों से जुदा अपनी अदा रखो सनम,
तुम अपना मानती है मुझे तो दिल से होंठों पर दुआ करो,
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