ना जाने कब मेरी ख्वाहिशें मर गई है अब,
तुम आओ या मत आओ अब मुझे तेरा इंतज़ार नहीं है,
मैं चारों तरफ़ देखता हूं पर तुम्हारी तरफ नहीं,
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