तुम चाहे मुझ पर कितना भी इल्ज़ाम क्यों ना लगा लो,
लेकिन चाहकर भी तुम से नफ़रत नहीं कर सकता मैं,
पता नहीं खुदा ने तेरे लिए ऐसा दिल क्यों दिया है,
भले टूट जाए पर तुम्हारे लिए पत्थर नहीं होता है,
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