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चांद कहां उतरता है

                
                                                         
                            खुदा ने तुम को जानबूझकर मुझ से जुदा कर दिया,
                                                                 
                            
क्यों कि ज़मीं पर चांद रोज रोज कहां उतरता है,
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एक घंटा पहले

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