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अपने दिल में बनाए रखना

                
                                                         
                            ठहर गई है,जम गई है मेरी आंखें बस तेरी सूरत पर यार,
                                                                 
                            
अब कोई भी हसीना, उसका हुस्न अब मेरे दिल को लुभाता नहीं है,
अपने होंठों पर मंद मंद मुस्कान खिलाए रखना,
मेरी यादों को अपने दिल में हमेशा बनाए रखना,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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