चढ़ जायेंगे हम सूली पे
पर गीत देश के गायेंगे
चाहें जहां रहे हम सब
सीमा पर नजर गड़ायेंगे .
दुश्मन देखेगा नजरों से
बुरा हमारा यदि चाहेंगे
दिखें भले टुकड़ों में सारे
विपदा में साथ निभायेंगे .
-दिनेश चौहान
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