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करतब सब बेकार

                
                                                         
                            कहते कहते चुक गये शब्द कोष के शब्द
                                                                 
                            
सुधरा एक ना आदमी शब्द हुए निःशब्द.

जप माला छापा तिलक हुए सभी श्रंगार
मन मैला ही रह गया करतब सब बेकार.
-दिनेश चौहान
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2 महीने पहले

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