जोश और होश कायम है तो मंजिलें आसान होती हैं
वर्ना महफिलें उखड़ा करती हैं वे जो बेज़ान होती हैं.
इरादे नेक हैं तो लाखों कदम साथ चलते हुए मिलते हैं
चोरों के गिरोह की दोस्ती सिर्फ बँटवारे तक ही होती है.
-दिनेश चौहान
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