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बस गया शहर

                
                                                         
                            कजली के गायकों को भूल गए स्वर
                                                                 
                            
स्वप्न के उस गांव पर बस गया शहर.
आसमाँ पे घिर रहीं अब बदलियां नहीं
जिन्दगी का साज गया टूट कर बिखर.
-दिनेश चौहान
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2 महीने पहले

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