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अपनों ने ही तोड़ दिये सब

                
                                                         
                            जब जब सपनों को देखा
                                                                 
                            
अपनों ने ही तोड़ दिये सब
दृष्टि चाँद पर रहीं हमारी
घेर लिया तारों ने मिल अब.
-दिनेश चौहान
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2 महीने पहले

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