उड़ गये पँछी सभी वे गांव के खिलखिलाते थे जो व्यवहार में
कुछ परिन्दे लौटकर आ गये लग रहा आज फिर से त्यौहार में .
-दिनेश चौहान
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X