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समय के बदलते मौसम में, पतझड़ भी सदा नहीं रहा करता है।

                
                                                         
                            "जीवन कभी ठहरा नहीं ठहरता"
                                                                 
                            

आँखों में नमी छिपाने वालों, दर्द हृदय में दबाने वालों,
कुछ फूल अगर मुरझा जाएँ, उपवन सूना नहीं हुआ करता है।

कुछ राहें छूट जाने से, कुछ अपने रूठ जाने से,
मंजिल का अंत नहीं होता, पथिक चला तो चला करता है।

जो कल तक अपने लगते थे, आज भले अनजाने लगते हैं,
रिश्तों के बदल जाने से, अपनापन खत्म नहीं हुआ करता है।

आँधी से दीप बुझते होंगे, कुछ स्वप्न धूल में मिलते होंगे,
लेकिन संघर्षों की धरती पर, नवबीज सदा उगा करता है।

हारों से मत घबराना तुम, आशा का दीप जलाना तुम,
हर रात के अँधियारे के पीछे, सूरज नया उगा करता है।

आँसू को अपनी शक्ति बनाओ, गिरकर फिर उठना सीख जाओ,
जीवन की कठिन परीक्षा में, धैर्य ही साथ दिया करता है।

जो बीत गया, उसे जाने दो, मन को फिर से मुस्काने दो,
समय के बदलते मौसम में, पतझड़ भी सदा नहीं रहा करता है।

 
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8 घंटे पहले

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