तकलीफें तुम्हारी होंगी, युद्ध तुम्हारा होगा
ना वहम पालो मित्र कि कोई तुम्हारा होगा
मतलब और हित ही तो जोड़ती है सबको
जीत सबकी होगी, हार केवल तुम्हारा होगी
आगे बढ़ना चाहोगे तो मिलकर तोड़ेंगे सब
कामयाबी न मिली तो तमाशा तुम्हारा होगा
घर के ताने, ऑफिस में पॉलिटिक्स सहोगे
चक्रव्यूह में उलझना, फंसना तुम्हारा होगा
पागल हो जो उम्मीद लगाए बैठे हो परायों से
अपनों ने कसर नहीं छोड़ी तो क्या कोई तुम्हारा होगा
इस जहां में सबको कुछ न कुछ चाहिए तुमसे
यूं ही नहीं अचानक से कोई तुम्हारा होगा
बचपन के सपने मर गए ना, क्या ही कर लिया
सपनों को याद करके दम घुटता तुम्हारा होगा
हर दिन जब थक-हार जाते होगे चारों ओर से
यकीनन तुम्हें संभालने वाला कोई नहीं तुम्हारा होगा
झूठा दम भरते हो कि फलाने तुम्हारे अपने हैं
यकीन मानो जरूरत पर कोई नहीं तुम्हारा होगा
कहते हो ना लाखों-करोड़ों में दोस्ती है तुम्हारी
3 का नाम बताओ जो इमरजेंसी में तुम्हारा होगा
वक्त की मार जब पड़ेगी, तो चेहरे निकल जाएंगे
जिन्हें अपना समझते हो, कोई न तुम्हारा होगा
पैसा खूब कमाओ, और भर दो सारे बैंक अकाउंट
अंत में वही सहारा होगा, बाकी कोई ना तुम्हारा होगा
-दिलीप मिश्रा
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