आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मुझे माँ नहीं बनना

                
                                                         
                            अगर माँ का मतलब
                                                                 
                            
अपने ही बच्चे को सताना है।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
हर छोटी बात पर चिल्लाना है।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
डाँट के पीछे छुपे प्यार का
बहाना बनाना है।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
अपनी औलाद की खुशियों को
अपनी उम्मीदों के नीचे दबा देना है।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
हर दिन कोसना है,
और फिर एक दिन
उसी बच्चे से कहना है
“मैंने तुम्हारे लिए क्या नहीं किया?”
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
प्यार के नाम पर
अपने ही बच्चे से कहना है
“तू मर क्यों नहीं गई?”
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
अपने बच्चे को
हर रात रोता छोड़ देना है,
और सुबह
ऐसे बर्ताव करना है
जैसे कल कुछ हुआ ही नहीं।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर माँ का मतलब
सिर्फ़ जन्म देना है,
उसकी ज़िंदगी में
साथ देना नहीं।
सिर्फ़ उसका नाम
“माँ” रखना है,
लेकिन उसके लिए
कभी माँ बनना नहीं।

मुझे माँ नहीं बनना
अगर मेरा बच्चा
मेरे पास रहकर भी
अकेला महसूस करे।
अगर वह अपने आँसुओं को
मेरी डाँट से बचाने के लिए
छुपाना सीख जाए।
अगर वह अपनी खुशियों को
मुझसे बताने से पहले
सौ बार सोचे।
अगर उसके लिए
उसका घर ही
सबसे असुरक्षित जगह बन जाए।
मुझे माँ नहीं बनना

अगर मेरा बच्चा
कभी मुझसे कहे
“माँ, मुझे तुमसे कुछ कहना है,”
और मैं
उसकी बात सुनने से पहले
उसे चुप करा दूँ।
नहीं।
मुझे ऐसी माँ नहीं बनना।

लेकिन…
अगर माँ का मतलब
अपने बच्चे की आँखों में
सिर्फ़ उसकी गलतियाँ नहीं,
उसका दर्द देखना है
तो मुझे माँ बनना है।

अगर माँ का मतलब
अपने बच्चे को
दुनिया से लड़ना सिखाना है,
लेकिन खुद उसके ख़िलाफ़
दुनिया बन जाना नहीं
तो मुझे माँ बनना है।

अगर माँ का मतलब
उसके गिरने पर
उसे धक्का देना नहीं,
बल्कि हाथ बढ़ाकर
उसे उठाना है
तो मुझे माँ बनना है।

अगर माँ का मतलब
अपने बच्चे को
अपनी अधूरी ज़िंदगी जीने पर मजबूर करना नहीं,
बल्कि उसे
अपनी ज़िंदगी जीने की आज़ादी देना है
तो मुझे माँ बनना है।

और अगर कभी
मेरा बच्चा मुझसे कहे
“माँ, मुझे तुमसे डर लगता है…”
तो मैं
अपने बच्चे को
चुप नहीं कराऊँगी।
मैं खुद से पूछूँगी
“मैंने ऐसा क्या किया
कि मेरा बच्चा
मुझसे डरने लगा?”
क्योंकि…
माँ बनना सिर्फ़
बच्चे को जन्म देना नहीं होता।
कभी-कभी
माँ बनना मतलब होता है
अपने बच्चे को
इतना प्यार देना
कि वह दुनिया से हारकर भी
घर लौट सके।
और मैं…

ऐसी माँ बनना चाहती हूँ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर