"तिरंगा जान से प्यारा "
जान से प्यारा तिरंगा झंडा,
जहां हर घर घर में लहराता है।
शांति सुरक्षा और प्रेम भाव का
हम सबको संदेश यह सुनाता है।।१।।
हर कठिन परीक्षा में आगे बढ़कर,
शान से यह तिरंगा लहराता जाता है।
दुश्मन कभी जब आंख उठाये तो
अपनी शक्ति का परिचय कराता है।।२।।
कितना रक्त बहा है इस की खातिर
इस तिरंगे के दीवानों से पूछो जरा।
अपनी जान से प्यारे तिरंगे की खातिर
कुछ अपने दिल से भी पूछो जरा।।३।।
इस तिरंगे का अंगीकार दिवस यहां,
हर घर घर में खुशी से मनाया जाता है।
इस तिरंगे झंडे की नीचे हर जन फिर
सुख समृद्धि का सुखद भाव पाता है।।४।।
गुलामी की जंजीरों को तोड़ा है इसने
राष्ट्र को सम्रद्धि की ओर मोड़ा है इसने।
जब जब राष्ट्र प्रेम का दीप प्रज्ज्वलित हो
तब तब निराशा के अंध को तोड़ा है इसने।।५।।
तीन रंगों में अजब रहस्य भरा है
हर रंग का यहां कुछ तथ्य बड़ा है।
केसरिया रंग तेजस्वी बनाये हमें,
शांति स्वच्छता सफेद हमें सिखाता है।।६।।
हरा रंग इस धरती में हरियाली भरकर
सुख समृद्धि की ओर कदम बढाता है।
मध्य भाग में चौबीस तिल्ली का रहस्य
शांति हेतु सतर्कता का संदेश दे जाता है।।७।।
इस तिरंगे के आगे नतमस्तक हो जब
राष्ट्र गान जब प्रेम से हम सब गाते हैं।
नहीं दिखता भेदभाव कहीं जन मन में
सब के सब फिर राष्ट्र मय हो जाते हैं।।८।।
-चन्द्र शेखर मार्कंडेय
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