दर्द की सीने मे हो बरसात बड़ा मज़ा आता है
दिल मे हो अनजाने से जज़्बात बड़ा मज़ा आता है
एक बार दगा देता है हर कोई किसी को
दिल पर हरदम ही हो आघात बड़ा मज़ा आता है
तुम मेरी हो नहीं हो या हो मालूम नहीं है
दिल मे उठे ऐसे ही खयालात बड़ा मज़ा आता है
दिल को नाज़ों से पाला था हमने इसीलिए
टूटता है जब ये बात बेबात बड़ा मज़ा आता है
हमारे आँगन मे जाने जान जब भी तुम आती हो
चाहे समझ मेरे जनाज़े को बारात बड़ा मज़ा आता है
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