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श्री देवनारायण भगवान गाथा

                
                                                         
                            ॥ श्री देवनारायण भगवान गाथा ॥
                                                                 
                            

मालासेरी डूंगरी जन्म लियो भारी,
गुर्जर कुल में जन्म लियो देवनारायण तपधारी।
सवाई भोज पिता प्रतापी राजा,
आसीन्द नगरी आप बिराज्या।
साडू माता के लाल दुलारे,
चौबीस बगड़ावत वीर तुम्हारे।
लीलागर घोड़ी पवन से न्यारी,
देव की सवारी लागे सबसे प्यारी।
राणा जी से लेके आयो गायें,
भक्तों की हर ली आप बलायें।
देवराज को जब याद किया,
पल में आके काज किया।
गुर्जर समाज का मान बढ़ायो,
भक्ति का दीपक आप जलायो।
मालासेरी में धाम तिहारो,
भक्तों का बेड़ा पार उतारो।
हाथ जोड़ विनती करूँ देवा,
चरणों में शीश नवाऊँ देवा।
जय बोलो देवनारायण देवा,
लीलागर वाले बगड़ावत देवा।।
 - चंदन सिंह सारंगदेवोत
 
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15 घंटे पहले

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