भारत त्यौहारों का देश
प्रकृति प्रेम का समावेश
जंतु संरक्षण,शांति संदेश
देता विश्व को धर्म भेष।
सावन उत्सवों का महीना
सात्विकता संग पड़े जीना
श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि
नाग बनाये जाते अतिथि
आज़ के दिन की है बलिहारी
नाग पंचमी , साथ सोमवारी
घर से निकले हैं नर नारी
पूजेंगे नाग, संग त्रिपुरारी
कराया जाता दुग्ध स्नान
पूजते,तक्षक वासुकि मान
ऐसा नहीं मास कोई दूजा
होती अष्टनागों की पूजा ।
पूजते नाग मानकर भाई
पालित पशुओं की सफाई
होते आयोजित कुश्ती,दंगल
झूले संग कजरी का मंगल ।
",नाग कुंआ" है काशी स्थित
पूजन इसका जग प्रतिष्ठित
पताल लोक का कुआं द्वार
रहस्यमयी नागलोक तक तार।
मिला तक्षक को जीवनदान।
गरूड़ ने दिए यहां अभयदान
नागपंचमी लगता यहां मेला
होता दृश्य यंहा अलबेला ।।
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