कोशिश कर रही थी हार हो गयी
अपने ही लोगो सें तकरार हो गयी
बढ़ता देख आगे वो कुछ परेशान सें थे
कुछ उनमे अच्छे थे कुछ शैतान सें थे
कुछ को थी ख़ुशी कुछ हैरान सें थे
कुछ ने देखा प्यार सें
कुछ की नजर आर पार हो गयी
कोशिश कर रही थी हार हो गयी
अपने लोगो सें तकरार हो गयी,,
-मंजू आस्था
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X