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क्या इतनी बुरी हु मैं

                
                                                         
                            कब आओगे ...,
                                                                 
                            
कहो ना आओगे ..
क्यों नहीं कहते ?
क्या तुम्हे आना नहीं ...
क्यों नहीं आना ?
क्या मुझसे बातें नहीं करनी ...?
क्यों नहीं करनी ?
क्या मेरी याद नहीं आती ...
क्यों नहीं आती ?
क्या कभी नहीं आएगी ...
क्यों नहीं आएगी ?
क्या कभी नहीं आओगे ?
सच्च में !!!
पर क्यों नहीं आओगे ?
क्या मुझसे दूर होके खुश हो ...??
पर क्यों हो ?
तुम तो कहते थे ना कि मैं हु तब तुम खुश हो .....
फिर मेरे बिना खुश कैसे हो ?
क्या मिलना नहीं चाहोगे ?
क्यों नहीं चाहोगे ?
इतनी बुरी हु क्या मैं ??
पर हु तो तुम्हारी ही........
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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