जब भी तुम आओ ' हम तैयार तुम्हारे स्वागत में,
मैंने नही जिया वो लम्हा ' जो सिर्फ हमारे लिए बना है।
मैने नही दी ' किसी को वो जगह ' जो तुम्हारे लिए आज भी खाली है।
मैंने नही बताई वो बातें किसी को , जो अन्तर्मन में अक्सर दफन रहती है।
मैं टूट चुकी हू ' खुद में ही ' मगर ' किसी का सहारा नही चाहिए ।
तुम आओगे जिस दिन भी , तुम्हारा इंतजार काफी है।
मन परेशान रहता है मेरा , और ' खुद से सवाल करता है।
बहुत बाते वेचेन करती है मुझे, सब तुम्हे बतानी है।
तुम कहा खो गए ' अपनी दुनिया में , कुछ ख्याल तो करो मेरा '
हमे सब याद है बाते , जिसमे अपनी कहानी है ।
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