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आदमी वो गायबाना लग रहा।

                
                                                         
                            आदमी वो गायबाना लग रहा।
                                                                 
                            
वक्त कुछ तो आशिकाना लग रहा।।

देखता हूं शख्स की मजबूरियां-
बेरहम सा ये जमाना लग रहा।

नौकरी में है प्रलोभन देखिए-
आज खुद को है बचाना लग रहा।

आग फैली है वहां पर कुछ करो-
लीजिए दमकल बुलाना लग रहा।

वो शहर है गांव से कुछ दूर ही-
उस शहर का दिन सुहाना लग रहा।

झोपड़ी के भाग्य हैं कब खुल रहे-
मुफलिसी का आबदाना लग रहा।
-अविनाश ब्यौहार
 
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2 महीने पहले

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