मौत किस मोड़ पर हमारा इंतजार कर रही हो।
ना तुम्हें पता है ना मुझे पता है।
हो सके तो इजहार ए मोहब्बत
मैं तुम देर ना करो।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X