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एक तेरा नाम

                
                                                         
                            देर लगी तुम आए अब
                                                                 
                            
तब तलक हम सब भूला बैठे
ना तुम मुझको याद रहे
ना ही तेरा जिक्र रहा
प्यार तेरा अब साथ नहीं
ना ही तेरा साथ रहा
गहरे से मन में मेरे साथी
बस एक तेरा इक नाम अमर रहा
दिल जो धड़कता था तेरे लिए
हाल उसका बेहाल हुआ
रस्ता दिखता ना कोई मंजिल
बहती नदी के हम दो किनारे हुए
ज्यों जान से जिस्म अलग हुए
हंसती है दुनिया ये सारी
जाने हम ही क्यों बेजार हुए
आंसू अब रुकते ही नहीं
लगे ज्यों सब कुछ हम हार गए
बंधन में हम जकड़े हुए
कैसे मिले अब क्या हम करें
ना हीं जिए और ना ही मरे
सवाल यूं उठ खड़े हुए
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3 महीने पहले

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