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मुरझाने की नियत नहीं रखते।।

                
                                                         
                            क्या ये सच है इसी दुनियां मे
                                                                 
                            
घर है आप का भी,
हमें मालूम है आप,
किसी से वास्ता नहीं रखते।
हर जर्रा ख़ाक हो जाता है,
आखिरात में जनाब,
फूल खिलते हैं बस,
मुरझाने की नियत नहीं रखते।।
राम आएंगे आज,
सारी दुनियां कह रही है बेशक,
वो गए ही कब,
बस आप उन्हें दिल में नहीं रखते।।
फर्क रत्ती सा है बस,
आप के जहन-वो-नजरिए में,
हम ए कहते हैं बस वही हैं,
आप कहते हैं नहीं हैं।।
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2 घंटे पहले

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