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और मंद बहती शीतल बयार

                
                                                         
                            सुबह हो गई
                                                                 
                            
निशा चली गई
सब सोए हैं
प्रकृति जगी है
और उसके साथ मैं ...
चिड़ियों की चहचहाहट
गिलहरी की घुँघरू सी आवाज़
और मंद बहती शीतल बयार
आराम देती है
मेरे तन - मन दोनों को...
इस समय सब हल्का सा लगता है
दिलो-दिमाग को सुकून मिलता है...
बिना शोर की ये सुबह
कर देती है
मन को भावविभोर
जाग जाते हैं मेरे मन के विचार
जिनको लिख कर
मन को मिलता
अनंत विश्राम ...
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8 घंटे पहले

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