आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मेरी खामोशी पर अब वो सवाल कर देगा

                
                                                         
                            मेरी खामोशी पर अब वो सवाल कर देगा
                                                                 
                            
मैंने 'गर कुछ न कहा, वो बवाल कर देगा

मैंने माना कि बहुत दिन से वो नहीं आया
जब वो आयेगा तो मुझको निहाल कर देगा

है कहा उसने कि मैं मांग लूं जो दिल चाहे
नाम मेरे वो ये अपना जमाल कर देगा

मैंने तो इश्क़ किया मान कर इसे लज़्ज़त
क्या ख़बर थी कि वो मेरा ये हाल कर देगा

वक्त रहते हुए तुम दर्द की दवा कर लो
वरना ये दर्द तो जीना मुहाल कर देगा।
-अनमोल
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर