तलवार से शासन चलता है
नम्रता से प्यार पलता है
जो एक कलाकार है
वह पाता प्यार है
पर जो चलाता तलवार है
वह पाता दुत्कार है
अशोक भी चलाए पहले तलवार
पर बाद में दिखाए प्यार
फेंक कर तलवार
किए बौद्ध धर्म स्वीकार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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