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सुनो,सकल संसार!

                
                                                         
                            सारा संसार
                                                                 
                            
कर रहा झगड़ा मार
कहां है कहीं प्यार?
कहां किसका है सत्कार?
बुद्ध के उपदेश को भूल गया संसार
विश्व शांति की गुहार
कर रही है लेखनी मेरी बार बार
करो सबको स्वीकार
करो सबका सत्कार
दिखा दो मानव प्यार
दिखा दो स्वदेश प्यार
दिखा दो विश्व प्यार
दिखा दो सच्चा प्यार
करके आत्म सुधार
सुनो, सकल संसार!
प्यार में है शक्ति अपार
प्यार में है शक्ति अपरम्पार
प्यार से बढ़ता है प्यार
प्यार से बढ़ता है संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 सप्ताह पहले

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