हो बेटा आज्ञाकारी
हो पत्नी आज्ञाकारी
तो स्वर्ग है धरती हमारी
स्वर्ग से सुंदर और प्यारी
है धरती हमारी , प्यारी
है सुंदर अवनी और अंबर
हैं सुंदर नदी नाले और समंदर
हैं सुंदरता यदि हमारे अंदर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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