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मैं भारत मां का वीर योद्धा हूं,उस मां को रोने देना

                
                                                         
                            सीमा से एक चिठ्ठी आई है
                                                                 
                            
वीर सिपाही ने चिट्ठी पठाई है
चिठ्ठी में स्वदेश प्यार छुपा है
चिठ्ठी में सारा संसार छुपा है
चिठ्ठी में बेटे का प्यार छुपा है
चिठ्ठी में पति का प्यार छुपा है
चिठ्ठी में पिता का प्यार छुपा है
चिठ्ठी में पोते का प्यार छुपा है
चिठ्ठी में भाई का प्यार छुपा है
चिठ्ठी में योद्धा ने क्या लिखा है?
चिठ्ठी में स्वदेश प्यार लिखा है
" मैं जिंदा आऊं
या न आऊं
मेरा शव आएगा
पर मेरी कसम कोई आंसू नहीं बहाएगा
मेरे शहीद शव पर भैया! मत रोना
मेरे शहीद शव पर बाबा! मत रोना
मेरे शहीद शव पर बाबू जी! मत रोना
मेरे शहीद शव पर माता जी! मत रोना
मेरे शहीद शव पर बहना! मत रोना
मेरे शहीद शव पर बेटा! मत रोना
मेरे शहीद शव पर बेटी! मत रोना
मेरे शहीद शव पर प्राण प्रिए! मत रोना
मैं भारत मां का बेटा हूं,उस मां को आंसू बहाने देना
मैं भारत मां का वीर योद्धा हूं,उस मां को रोने देना
मैं अगले जन्म में पुनः आऊंगा
मैं पुनः भारत मां के मुकुट को बचाऊंगा
है यही संदेश मेरा
है यही देश मेरा
मैं पूरे हिंदुस्तान का सपूत हूं
मैं भगवान का दूत हूं
मेरे लिए मत रोना
मेरे लिए मत रोना।"
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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3 घंटे पहले

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