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समझे दुनिया सारी

                
                                                         
                            पत्नी मुझको मूर्ख समझे
                                                                 
                            
मैं खुद को चतुर
सारा समाज मुझको मूर्ख समझे
मैं खुद को चतुर
जिसको जो समझना समझे
मैं लिए चलता पावन उर
कोई मुझको समझे
दुर्योधन, कर्ण या विदुर
जिसकी जितनी समझदारी
उतना समझे,समझे दुनिया सारी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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10 घंटे पहले

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