जो आप बोलते हैं वे बातें जाती हैं
आसमान तक
भगवान तक
आपकी बातें लौट कर आती हैं
पुनः आप तक
आपकी बातें आसमान सुनता है
आपकी बातें भगवान सुनता है
इसीलिए सदा सकारात्मक बोलिए
इसीलिए सदा रचनात्मक बोलिए
आपके जिह्वा पर बसती सरस्वती हैं
आपकी बातें सदा सुनती सरस्वती हैं
वेदों में लिखा है शुभ शुभ बोलो
जब तुम मुंह खोलो
तो भी हमेशा हम अशुभ बोलते हैं
जब हम मुंह खोलते हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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