मन नव उत्साह लाओ
तन में नव उत्साह लाओ
विचारों में नव प्रवाह लाओ
अपनी सच्ची राह बनाओ
एक राह पर चलते जाओ
एक लक्ष्य से सब कुछ पाओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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