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नित टहलो

                
                                                         
                            एक दिन दौड़ लिए
                                                                 
                            
एक दिन टहल लिए
इससे क्या मिलेगा?
मन तन तब खिलेगा
जब नित टहलोगे
जब नित दौड़ोगे
नित योगासन करोगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 सप्ताह पहले

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