मेरा देश बदल रहा है
खून मेरा उबल रहा है
खून में मेरे उबाल है
उठ रहे कई सवाल हैं
हम आजाद हैं
हम आबाद हैं
हममें साहस अपार है
हमें स्वदेश से प्यार है
हिमालय पिघल रहा है
मेरा देश बदल रहा है।
- सहज कुमार
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