मौसम बड़ा बेईमान
खो दिया ईमान
बरसे झर झर
बरसे घर घर
बरसे भर भर
बरसे सर सर
जैसे पाना हो इनाम
मौसम बड़ा बेईमान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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