गंगा नदी के किनारे
बैठ प्रकृति अपने बालों को संवारे
अपने आपको संवारे
अपने सपने को संवारे
गंगा नदी के किनारे
बसे ढेर गांव सारे
गंगा नदी के किनारे
बसा बागी बलिया मेरा जिला
जिसके वीरों को देख अंग्रेज हिला
एक तलवार से
एक धार से
एक बार में
काट कर रख दिए शत्रु सारे
अंग्रेज भागे हमारे डर से
अंग्रेज भागे हमारे शहर से
सबसे पहले आजाद हुआ जो जिला
है वही बागी बलिया जिला
मंगल पांडे के डर से
भागे अंग्रेज हमारे नजर से
वहीं से हूं मैं
वीरों के शहर से हूं मैं
जहां बहे गंगा की धार
है वहीं वीरों का प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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