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मैं बलिदान मांगता हूं

                
                                                         
                            कौन है वीर?
                                                                 
                            
सामने आए
कौन है गंभीर?
सामने आए
मैं बात करना चाहता हूं
मैं मुलाकात करना चाहता हूं
है आग जिसके हृदय में
है त्याग जिसके हृदय में
मैं उसका आह्वान करता हूं
सब धरती आसमान करता हूं
अपने अक्साई चिन को भारत के नाम करना चाहता हूं
मैं कुछ अनूठा काम करना चाहता हूं
जो भूख प्यास सह सके
जो खुद पर विश्वास कर सके
जो सच सच कह सके
मैं उसका आह्वान करता हूं
मैं बलिदान करना चाहता हूं
धन-धान्य नहीं,स्वदेश प्यार मांगता हूं
मैं वीरों का संसार मांगता हूं
मैं तोप तलवार मांगता हूं
मैं अटल कलाम मांगता हूं
मैं प्रताप,शिवा,चौहान मांगता हूं
मैं अपना पूरा हिंदुस्तान मांगता हूं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक महीने पहले

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