मैंने की कितनी प्रतिक्षाएं
दिखाई कितनी प्रतिभाएं
पर सुना नहीं निष्ठुर संसार
पर गुना नहीं निष्ठुर संसार
पर मैं हार नहीं मानूंगा
मैं जीतने की ठानूंगा
देखता हूं रोकता है कौन?
काम बोलेगा,रहूंगा मैं मौन।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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