स्काई बस,बस जो हवा में भरे उड़ान
आ रही है,श्रीमान! विकसित हिंदुस्तान
बन कर,छू लेंगे हम अब आसमान
जय जवान,जय किसान,जय विज्ञान
के नारे से गूंज रहा है आज आसमान
बढ़ रहा है आसमान की ओर विज्ञान
चांद पर भर कर उड़ान
चेहरे पर लाकर मुस्कान
दिखा देगा,जग को हमारा हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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