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जनता जब जगती है

                
                                                         
                            जनता जब जगती है
                                                                 
                            
सरकारें करवट बदलती हैं
जनता जब जगती है
क्रांति की चिंगारी निकलती है
मंत्री, नेता की आत्मा डरती है
बस एक नारे से सरकारें डरती हैं
दिखा दो एकता तो सरकारें कंपती हैं।
- सहज कुमार
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2 महीने पहले

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