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जाति पांति से ऊपर उठो

                
                                                         
                            लोग यहां पहले जाति पूछते हैं
                                                                 
                            
तब हमारा काम धाम पूछते हैं
जब तक जाति जान जाते नहीं
तब तक वे चैन पाते नहीं
जाति जानने के बाद कहते हैं
मुझे जाति से क्या लेना-देना
ऐसे लोग जहां रहते हैं
उनको विकास से क्या लेना-देना?
समाज सबका है
यह संसार सबका है
जाति पांति को करो किनारा
बहाओ विकास की धारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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10 घंटे पहले

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