हम शून्य दिए
हम शून्य में घूम लिए
हम शून्य में जलाए दीए
मानव प्यार के
मानव दुलार के
हम समझे संसार को एक परिवार
देकर दशमलव संसार को दिए संवार
देकर योगा,किए हम चमत्कार
करके योगा, कोई रहे न बीमार
यही हमारा नारा है
बनाना इस संसार को और प्यारा है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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