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हम गंगा किनारे वाले

                
                                                         
                            हम गंगा किनारे वाले
                                                                 
                            
हम यमुना किनारे वाले
हम बागी बलिया वाले
हम बागी बैरिया वाले
हम गंगा के मैदान वाले
हम हिंदुस्तान वाले
जब आई समस्या, हमीं संभाले
देश हमारा जब चीत्कार रहा था
देश हमारा जब पुकार रहा था
तब तब हम हुंकारे
तब तब हम ललकारे
हम मंगल पांडे बन कर
हम चित्तु पांडे बन कर
आये तन कर
हम गंगा किनारे वाले
हम यमुना किनारे वाले।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
42 minutes ago

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