हम डरते नहीं
हम मरते नहीं
हम गंगा तट के वासी हैं
हम दोआबा के वासी हैं
अंग्रेजों को हम मार भगाए
सबसे पहले आजादी हम पाए
गंगा आती हैं मेरे द्वारे
धन्य भाग हमारे
आम अमरूद जामुन कोई पूछता नहीं है
बाग बगीचे बाबा ने लगाए इतना यहीं है
वीरों की धरती यहीं है
घर मेरा यहीं है
बैरिया का शहीद स्मारक
मंगल पांडे का स्मारक
आओ देखो, दुनिया वालों!
सुनो,समझो दुनिया वालों!
हम किसी से कम नहीं है
कौन कहता हममें दम नहीं है?
जहां गंगा की पानी लहर लहर लहराता है
उसे बागी बलिया शान से कहा जाता है।
- सहज कुमार
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