हर जगह
जगह जगह
गांधी जी हैं
रुपए पर,गांधी हैं
कार्यालयों के दीवालों पर गांधी हैं
राजनीतिक दलों के झंडों पर गांधी हैं
बस नहीं हैं हमारे विचार में
बस नहीं हैं हमारे परिवार में
बस नहीं हैं हमारे संसार में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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