हंसो हंसाओ
हंसो मुस्कुराओ
स्वदेश के काम आओ
बड़े बड़े सपनें बनाओ
सपनों पर काम करते जाओ
सपनों में तारीख लगाओ
सपनों को लक्ष्य बनाओ
लक्ष्य पर
दिन भर
रात भर
दिन रात एक कर
काम करके सब कुछ पाओ।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X